Peer Review Process
Join with usResearch JournalPublish your ResearchResearch Database
Free Website Counter
Peer Review Process PDF Print E-mail

Review Process:

Shodh Sanchayan is a peer review journal. All articles are subjected to a double blind peer-review process.  We strictly follow review process in publication of research article to maintain the international standards in research. Review process is helpful for us to maintain the standards of research, to meet standards of academic excellence as well as removal of errors involved in writing the research article. Submitted articles are screened for plagiarism issues or suitability issues and then internal Editors evaluate submitted manuscripts on the basis of their academic merit (importance, originality, study’s validity, clarity) and its relevance and then manuscript is sent for peer reviewed.

Editors will not disclose any information regarding submitted research papers to anyone other than the corresponding author and reviewers.

Publication Ethics :

Ethical standards for publication exist to ensure high-quality scientific publications, public trust in scientific findings, and that people receive credit for their work and ideas.

The research contributors are advised that-

  • It is essential to disclose all the methodological details.
  • Mention the sources from witch the data generated
  • Provide required citation and referencing
  • Use appropriate research methodology
  • Readers should be explained the circumstances leading to the research
  • Preserve the DATA
  • Authors must not use the words, figures, or ideas of others without attribution. All sources must be cited at the point they are used, and reuse of wording must be limited and be attributed or quoted in the text.
  • The authors of submitted manuscripts or published articles that are found to have fabricated or falsified the results, including the manipulation of images, may incur sanctions, and published articles may be retracted.
  • Shodh Sanchayan consider only original content, i.e. articles that have not been previously published. Articles based on content previously made public only on a preprint server, institutional repository, or in a thesis will be considered.
  • Manuscripts submitted to Shodh Sanchayan for publication must not be submitted elsewhere while under consideration and must be withdrawn before being submitted elsewhere.
  • If authors have used their own previously published work, or work that is currently under review, as the basis for a submitted manuscript, they must cite the previous articles and indicate how their submitted manuscript differs from their previous work. Reuse of the authors’ own words outside the Methods should be attributed or quoted in the text. Reuse of the authors’ own figures or substantial amounts of wording may require permission from the copyright holder and the authors are responsible for obtaining this.
  • Where the entire dissertation has been published, it would be wise to provide attribution to the original work in successive publication

आलेख समीक्षा प्रक्रिया

शोध संचयन विषय-विशेषज्ञों के द्वारा समीक्षित शोध पत्रिका है. सर्वप्रथम शोध-पत्र की जांच हमारे संपादक मंडल के द्वारा की जाती है. तदुपरांत सम्बंधित दो विषय विशेषज्ञों को परिक्षण हेतु प्रेषित कर दिया जाता है. उनकी सम्मति के उपरांत प्रकाशन की प्रक्रिया पूर्ण होती है. यदि किसी प्रकार के सुधार की आवश्यकता होती है तो लेखक को सुधार हेतु पुनः प्रेषित कर दिया जाता है. समीक्षा की प्रक्रिया शोध के मानकीकरण एवं त्रुटियों के समाहार के लिए आवश्यक है.

 
Seminars/ Workshops

++++

अंतर्राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी

"वर्तमान चुनौतियों के संदर्भ में समाज की संवेदना और साहित्य"

दिनांक 27 -28 जुलाई, 2020, सोमवार – मंगलवार

संयुक्त तत्त्वावधान

हिन्दी विभाग,

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रा. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, प्रयागराज

(इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज का घटक महाविद्यालय)

एवं

शोध संचयन,

सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी का शोध पोर्टल

पंजीकरण नि:शुल्क है। सत्रों में उपस्थिति और प्रतिपुष्टि प्रपत्र भरना अनिवार्य है। शोध-पत्र (अधिकतम 5000 शब्द), शोध-शारांश (100 शब्द) के साथ प्रेषित करें। यह पियर रिव्यू के बाद चयनित अंतर्राष्ट्रीय इंडेक्सड रेफ्रीड जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा। शोध प्रपत्र वाचन करने हेतु पंजीकरण प्रपत्र में शीर्षक भरें।

पंजीकरण पता -  shorturl.at/ghoDH

शोध प्रपत्र (पियर रिव्यू के लिए) प्रेषित करने का पता-

http://www.shodh.net/index.php?option=com_mad4joomla&jid=21&Itemid=161

विषय : वर्तमान चुनौतियों के सन्दर्भ में समाज की संवेदना और साहित्य

उपविषय :

1 . साहित्य  के संदर्भ में वैश्विक परिवर्तन की दिशाएँ।, 2 . कोविड-19 के आलोक में नयी विश्व-व्यवस्था की प्रवृत्तियाँ। 3 . सामाजिक परिवर्तन के आयाम। 4 . बाजारवादी संरचना में बदलते मानवीय संबंध। 5. कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संवेदना  (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस)। 6. नयी सदी के साहित्य की प्रवृत्तियाँ। 7. वर्तमान सन्दर्भ में साहित्यकार का दायित्व। 8. भावी पीढ़ी का साहित्य, समस्या एवं चुनौतियाँ। 9.  वर्तमान संदर्भ में साहित्य से अपेक्षाएँ। 10. तकनीकी आयामों के संदर्भ में संवेदनात्मक परिवर्तन।

कार्यक्रम

दिनांक 27 जुलाई, 2020

उद्घाटन सत्र

प्रात: 11:00 बजे से 1:00 बजे तक

तकनीकी सत्र -1

अपराह्न: 3:00 बजे से 5:00 बजे तक

तकनीकी सत्र-2

प्रात: 11:00 बजे से 1:00 बजे तक

समापन सत्र

अपराह्न: 4:00 बजे से 6:00 बजे तक

संपर्क सूत्र – 9415367401, 9532456681, 9868462663, 9415050808

=====

Opinion Poll
1. भारत में ऑनलाइन शिक्षा क्या पारंपरिक शिक्षा का विकल्प हो सकती है?
 
2. वर्तमान में सम्पन्न हो रहे वेबिनार के बारे आपका अनुभव क्या है?
 
3. उच्च शिक्षा में सुधार हेतु ए.पी.आई.और अन्य संबंधित विषयों के परिवर्तन में क्या जल्दबाजी उचित है?
 
4. भारत में समाज विज्ञान एवम मानविकी की शोध पत्रिकांए शोध के स्तर को बढाने में निम्न सामर्थ्य रखतीं हैं-
 
5. भारतीय विश्वविद्यालयों में मानविकी एवं सामाजिक विज्ञानं के अधिकांश शोध हैं –
 
6. क्या आप भारतीय विश्वविद्यालयो में हो रहे शोध से संतुष्ट है?